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Wednesday, November 4, 2009

बालको की वापसी - भाग - ७

बालको की वापसी - भाग - ७

उस दिन अयोध्या में खूब खुशिया थी छाई
सुन पुत्रो के आने का समाचार, महारानियाँ फूली न समायी !!

अयोध्या पहुँच गए चारो कुमार, बहुत प्रसन्न थे राम
अयोध्यावासियों को स्वागत में देख कर करा उन्हें प्रणाम !!

इस ख़ुशी के अवसर पर मच गया हर तरफ शोर
महल में आते ही गए वह राज भवन की ओर !!

आते ही किया राजा दशरथ को प्रणाम
प्रसन्न चित हो बोले राजा आ गया मेरा राम !!

गए फिर मिलने तीनो रानियों से उनके बाल
बिन तुम्हारे कैसे बीते यह साल !!

तुम चारो हो बड़े ही प्यारे
हो तुम हमारी आँखों के तारे !!

सबमे मुझे राम है सबसे दुलारे
लेकिन तब भी हो लाडले मुझे तुम सारे !!

बस हर रात आते थे हमको ख्वाब तुम्हारे
अब कभी दूर न होने देंगे हम यह पुत्र न्यारे !!

बोली मताए पुत्रो से हे पुत्र वीरो
फिर हमें कभी छोड़ना मत, हमारे हीरो !!

चारो राजकुमार थे यकीनन बड़े वीर
पर माँ की ममता देख आँखों से बहने लगे नीर !!

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